सुबह 7 बजे से ही इन सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए कतारों में खड़े दिखाई दिए। इन उपचुनावों को संबंधित राज्यों में राजनीतिक दलों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मतदान केरल की नीलामबुर सीट, पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीट, पश्चिम बंगाल की कलिगंज सीट और गुजरात की विसावदर तथा कड़ी सीटों पर हो रहा है। इन सभी सीटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। इन उपचुनावों के नतीजे 23 जून को घोषित किए जाएंगे, जिसके बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किस पार्टी ने बाजी मारी है।
केरल की नीलामबुर विधानसभा सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय है। यहाँ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) ने एम. स्वराज को मैदान में उतारा है, जबकि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) की ओर से आर्यदन शौकत उम्मीदवार हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अधिवक्ता मोहन जॉर्ज को अपना प्रत्याशी बनाया है। केरल में विपक्ष के नेता और कांग्रेस विधायक वी.डी. सतीशन ने नीलामबुर उपचुनाव को 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले का सेमीफाइनल बताते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि यूडीएफ इसमें विजयी होगा, जो राज्य में उनकी वापसी की शुरुआत का प्रतीक होगा।


