गंगा नदी के कटाव से मालदा और मुर्शिदाबाद में भीषण तबाही
कोलकाता, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों में गंगा नदी के भीषण कटाव (River Erosion) से भारी तबाही मची हुई है।
नदी का पानी तेजी से किनारों को काट रहा है, जिससे विशाल भू-भाग नदी में समाते जा रहे हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने हजारों लोगों के जीवन और आजीविका को गंभीर खतरा पैदा कर दिया है।
नदी का यह भयानक कटाव न सिर्फ कृषि योग्य भूमि और आम के बागानों को नष्ट कर रहा है, बल्कि मानव बस्तियों (Human Settlements) को भी अपनी चपेट में ले रहा है। नदी किनारे रहने वाले कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित होना पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल कटाव की समस्या और भीषण होती जा रही है, जिससे उनके घर और खेत लगातार नदी में विलीन हो रहे हैं। किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है क्योंकि उनकी उपजाऊ जमीन बर्बाद हो चुकी है। स्थानीय प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने और कटाव रोकने के लिए अस्थायी उपाय कर रहा है।
राज्य सरकार ने कटाव प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्य तेज करने का निर्देश दिया है। स्थायी समाधान के लिए विशेषज्ञों की एक टीम कटाव के कारणों और उपचार की जाँच कर रही है।


