अदालत ने कहा कि नीति में बदलाव से जिन अधिकारियों की सैलरी और प्रमोशन रुके थे, उन्हें आठ सप्ताह के भीतर सभी बकाया भुगतान किए जाएं। कोर्ट ने साफ किया कि नीति के लाभ सिर्फ मुकदमा लड़ने वालों तक सीमित नहीं रह सकते।
जस्टिस आनंद सेन की बेंच ने इस फैसले से सरकारी सेवा में समानता और न्याय का संदेश दिया है। राज्य सरकार को अब सभी मेडिकल अधिकारियों को पूर्व तिथि से लाभ देने होंगे। इससे राज्य के स्वास्थ्य विभाग में आर्थिक राहत पहुंचेगी।


