रांची : बिरसा मुंडा जेल का वायरल वीडियो कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि पूरे जेल प्रबंधन की गहराई से जांच की मांग करता है। जब हाईकोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना पड़े, तो यह स्पष्ट है कि स्थिति सामान्य नहीं है। अदालत ने इस मामले को दुर्भाग्यपूर्ण कहा, जो गंभीर सवाल खड़े करता है।
वीडियो में घोटाले के आरोपी नाचते दिखे, जो सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने को काफी है। जेल के भीतर इतनी आज़ादी कैसे संभव हुई, इसकी जवाबदेही तय होना आवश्यक है। अदालत का डीवीआर तलब करना इसकी दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम है।
जेल प्रशासन द्वारा जेलर और जमादार को निलंबित करना मात्र शुरुआती कार्रवाई है। असली चुनौती व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। मंगलवार की अगली सुनवाई से उम्मीद है कि इस मामले में ठोस कदम देखने को मिलेंगे।


