श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों की नई चेतावनी.
श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर: एक नए वैज्ञानिक अध्ययन ने श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) के एक महत्वपूर्ण हिस्से पर गंभीर चेतावनी जारी की है।
अध्ययन में पाया गया है कि बनिहाल-रामबन के बीच का यह खंड संरचनात्मक रूप से कमजोर (Structurally Fragile) है और बड़े भूस्खलन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील (Prone to Landslides) है। यह राजमार्ग कश्मीर की जीवनरेखा माना जाता है, और इसकी सुरक्षा पर आया यह खतरा बड़ी चिंता का विषय है।
अध्ययन के अनुसार, बनिहाल और रामबन के बीच के पहाड़ी ढलान पहले से ही प्राकृतिक रूप से अस्थिर हैं। मौजूदा समय में चल रहे सड़क विस्तार और भारी यातायात के कारण ये ढलानें और अधिक कमजोर हो गई हैं, जिससे भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है। भूवैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि वर्षा और भूकंपीय गतिविधियों के दौरान इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हो सकता है। यदि ऐसा होता है, तो इससे न केवल यात्रियों की जान को खतरा होगा, बल्कि कश्मीर घाटी की आपूर्ति श्रृंखला भी गंभीर रूप से बाधित हो जाएगी। यह मार्ग सेना और सामान्य आपूर्ति दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों को सलाह दी गई है कि वे इस नाजुक खंड पर इंजीनियरिंग हस्तक्षेप जैसे ढलानों का स्थिरीकरण (Slope Stabilization) और सुरक्षात्मक उपाय तुरंत करें। अध्ययन ने इस महत्वपूर्ण राजमार्ग की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए नियमित वैज्ञानिक निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया है।



