रांची निवासी 82 वर्षीय नरेश मलहोत्रा के साथ हुई 22.93 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने केंद्र सरकार, आरबीआई, सीबीआई और संबंधित बैंकों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सभी पक्षों से जवाब मांगा है। यह मामला डिजिटल अरेस्ट के जरिए की गई अब तक की सबसे बड़ी व्यक्तिगत साइबर ठगी माना जा रहा है।
याचिका में पीड़ित ने मांग की है कि ठगी गई राशि को एस्क्रो अकाउंट में सुरक्षित रखा जाए। साथ ही देशभर में डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराध रोकने के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने का आग्रह किया गया है। याचिकाकर्ता ने साइबर अपराधों में इस्तेमाल बैंक खातों पर कार्रवाई की मांग भी की है।
कोर्ट ने कोटक महिंद्रा, एचडीएफसी, इंडसइंड, सिटी यूनियन, यस और एक्सिस बैंक को भी नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई मार्च में संभावित है।


