यूनियन कार्बाइड के बंद पड़े कारखाने से निकला 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा पीथमपुर स्थित एक डिस्पोजल साइट पर जलाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। यह भोपाल के लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है, जो इतने लंबे समय से इस पर्यावरणीय खतरे का सामना कर रहे थे।
यह जहरीला कचरा 1984 की दुखद गैस त्रासदी के बाद से ही कारखाने परिसर में पड़ा हुआ था, जिससे मिट्टी और भूजल लगातार दूषित हो रहा था। स्थानीय निवासियों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं द्वारा इसे हटाने और सुरक्षित निपटान की लंबे समय से मांग की जा रही थी। इस कचरे के सफल निपटान से क्षेत्र के पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मदद मिलेगी।
इस प्रक्रिया को उच्चतम सुरक्षा मानकों और पर्यावरणीय दिशानिर्देशों का पालन करते हुए अंजाम दिया गया। यह कदम भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों के लिए न्याय की दिशा में एक प्रतीक है और यह सुनिश्चित करने के लिए भी महत्वपूर्ण है कि भविष्य में ऐसी कोई त्रासदी न हो।


