उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध की जटिलताओं को देखते हुए, प्रशिक्षण को अधिक व्यापक और तकनीकी रूप से उन्नत बनाना अति आवश्यक है।
वायुसेना प्रमुख ने यह आह्वान प्रशिक्षण कमांड के तहत सभी प्रशिक्षण संस्थानों के कमांडरों के एक सम्मेलन के दौरान किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण को भविष्य के युद्धों की मांगों के अनुसार ढालना होगा, जिसमें साइबर वॉरफेयर और अंतरिक्ष आधारित प्रौद्योगिकियाँ शामिल हैं। इस ओवरहॉल का लक्ष्य वायुसेना के कर्मियों को हर मोर्चे पर उच्चतम स्तर की दक्षता और तैयारी सुनिश्चित करना है।
सम्मेलन में भाग लेने वाले कमांडरों ने प्रशिक्षण में नवीनतम सिम्युलेटरों और तकनीकों को शामिल करने की रणनीतियों पर विचार विमर्श किया। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि नई नीतियों और सिद्धांतों को तेजी से प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाएगा। यह प्रयास भारतीय वायुसेना को किसी भी वैश्विक या क्षेत्रीय खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


