बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में एनआईए के बंदी प्रभू साहू के खिलाफ आए आरोप चौंकाने वाले हैं। क्या जेल अब सुधारगृह नहीं, शोषणगृह बन गई है?
शिकायत में बताया गया है कि प्रभू साहू अवैध कैंटीन चलाता है और हर वस्तु का दाम कई गुना ज्यादा वसूलता है। यहां तक कि सामान्य भोजन जानबूझकर खराब किया जाता है। यह कैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार है।
अगर यह सच है तो यह न केवल जेल प्रशासन की विफलता है बल्कि न्यायिक व्यवस्था की कमजोरी भी है। अब देखना होगा कि उच्च अधिकारी और न्यायालय इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं।


