धनबाद में नीरज सिंह की हत्या ने वर्ष 2017 में पूरे राज्य को हिला दिया था। लंबे समय तक चली कानूनी लड़ाई के बाद निचली अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। लेकिन यह फैसला पीड़ित परिवार को स्वीकार नहीं हुआ। गुरुवार को रांची हाईकोर्ट में इस मामले पर अपील की सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर दिया।
इस मामले में पूर्व विधायक संजीव सिंह का नाम सबसे चर्चित रहा है। उन्हें कई वर्षों तक जेल में रहना पड़ा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर वे बाहर आए। नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि कई तथ्यों को सही तरीके से नहीं देखा गया। कोर्ट ने इस दलील को सुनने के बाद नोटिस भेजने का फैसला किया।
याचिका में राज्य सरकार सहित कुल दस प्रतिवादी बनाए गए हैं। घटना स्थल सरायढेला क्षेत्र रहा था, जहाँ गोलियों की बौछार में नीरज सिंह की मौत हुई। इस केस पर अब एक बार फिर सभी की नजर है। राजनीतिक दृष्टि से भी यह मामला काफी संवेदनशील है। आने वाली सुनवाई में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और तर्क प्रस्तुत किए जाएंगे।

