पांकी क्षेत्र में पकड़ी गई नकली शराब फैक्ट्री ने अवैध कारोबार की गंभीरता पर सवाल खड़े किए हैं। जांच में पता चला कि शराब का उत्पादन संगठित तरीके से होता था। कई लोग इसमें लंबे समय से शामिल थे।
सामग्री की मात्रा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। स्प्रिट, बोतलें, रैपर और वाहन इस बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं। अफसरों के अनुसार, यह सिर्फ एक हिस्सा है, पूरा नेटवर्क अभी सामने आना बाकी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पृष्ठभूमि भी अपराध से जुड़ी रही है। कई मामलों में वे पहले भी पकड़े जा चुके हैं। पुलिस अब इस गैंग के आर्थिक और लॉजिस्टिक नेटवर्क का विश्लेषण कर रही है।


