केतार गोदाम से अनाज गायब होने का मामला पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया है। 9003 क्विंटल सीएमआर की कमी पाई गई है। यह चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ा था। इसकी कीमत करीब तीन करोड़ रुपये है। घटना ने व्यवस्था की पोल खोल दी है।
खाद्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि जांच में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने सभी अहम बिंदुओं पर जांच का आदेश दिया है। दस्तावेजों और रजिस्टर का मिलान होगा। परिवहन और भंडारण क्षमता की भी जांच की जाएगी। एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है।
हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। कोर्ट ने जांच की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। अब गैर-विभागीय अधिकारी जांच करेंगे। कई अधिकारियों और मिलरों पर कार्रवाई संभव है। घोटाले का सच जल्द सामने आने की उम्मीद है।


