.गोड्डा अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया। तीन दोषियों को आजीवन कारावास मिला। पीड़िता नाबालिग थी। घटना मेला से लौटते समय हुई थी। मामला समाज को झकझोरने वाला था।
कोर्ट ने बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की धाराएं लगाईं। दोषियों पर जुर्माना भी लगाया गया। अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा दी गई। सभी सजाएं साथ चलेंगी। फैसला सुनते ही सख्ती का संदेश गया।
अदालत ने कहा कि कानून का भय जरूरी है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस फैसले से अपराधियों को चेतावनी मिली है। पीड़ित परिवार को न्याय मिला। समाज में भरोसा मजबूत हुआ है।


