दिल्ली स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने कोयला घोटाले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने SKS Ispat and Power Limited को दोषी करार दिया है। कंपनी पर 50 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है। यह सजा गलत तथ्यों के आधार पर कोल ब्लॉक आवंटन के मामले में दी गई है।
अदालत ने कंपनी के निदेशक दीपक गुप्ता को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उनके ऊपर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। कंपनी के अधिकारी एसएन द्विवेदी को दो साल की सजा दी गई है। वहीं अमित सिंह को एक साल का कारावास भुगतना होगा।
न्यायालय ने माना कि कंपनी ने कोल ब्लॉक पाने के लिए गलत जानकारी दी थी। सीबीआई की जांच में आरोप सही पाए गए। अदालत ने इसे गंभीर आर्थिक अपराध बताया। फैसले से कोयला घोटाले के मामलों में सख्त संदेश गया है।


