रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट में बाबूलाल मरांडी की याचिका पर सुनवाई हुई। यह याचिका मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के खिलाफ बयानबाजी से जुड़ी है। रामगढ़, सिमडेगा, बरहेट और मधुपुर थानों में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने चारों मामलों में पीड़क कार्रवाई पर लगी रोक हटा दी। इससे बाबूलाल मरांडी को बड़ा झटका लगा है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से एक सप्ताह का समय मांगा गया। कोर्ट ने समय देने की मांग को स्वीकार किया। इसके साथ ही पहले दी गई अंतरिम राहत समाप्त कर दी गई। अब इन मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून अपना रास्ता लेगा।
मामला एक निजी यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए साक्षात्कार से जुड़ा है। आरोप है कि इसमें मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। इसके विरोध में झामुमो कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग जिलों में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बाबूलाल मरांडी ने सभी मामलों को निरस्त करने की मांग की है।

