रांची से जुड़े एक बड़े साइबर अपराध मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम कृष्ण कुमार लखवानी बताया गया है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर का रहने वाला है। सीबीआई ने उसे विदेश से लौटते समय एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी के अनुसार वह युवाओं को नौकरी का लालच देता था। बेहतर वेतन और विदेशी नौकरी का सपना दिखाया जाता था। इसके बाद युवाओं को कंबोडिया ले जाया जाता था। वहां पहुंचने के बाद उन्हें साइबर अपराध में धकेल दिया जाता था। इस तरह फंसे युवाओं को साइबर स्लेव कहा जाता है।
सीबीआई को इस मामले में कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायतों में बताया गया कि युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर ठगा जा रहा है। जांच में पता चला कि आरोपी इंटरव्यू आयोजित करता था। वह युवाओं को आकर्षक नौकरी और ज्यादा वेतन का वादा करता था। इंटरव्यू के बाद चयनित युवाओं से पैसे वसूले जाते थे। यात्रा व्यवस्था के नाम पर उनसे 300 से 400 अमेरिकी डॉलर लिए जाते थे। इसके बाद युवाओं को अलग-अलग रास्तों से कंबोडिया भेजा जाता था। वहां पहुंचने पर उन्हें साइबर अपराधियों के हवाले कर दिया जाता था। मजबूरी में युवाओं को साइबर ठगी का काम करना पड़ता था। कई मामलों में उन्हें भारतीय नागरिकों को ठगने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
जांच के दौरान सीबीआई ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। एजेंसी को उसके विदेश आने जाने की जानकारी मिली। जब वह विदेश से भारत लौट रहा था तब उसे एयरपोर्ट पर पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसके मोबाइल फोन की जांच की गई। मोबाइल में कई युवकों के पासपोर्ट और यात्रा से जुड़े दस्तावेज मिले। इंटरव्यू और यात्रा संबंधी जानकारी भी बरामद हुई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी विदेशी साइबर गिरोहों को लोग उपलब्ध कराता था। इस नेटवर्क के जरिए कई युवाओं को कंबोडिया भेजा गया था। वहां उन्हें जबरन साइबर अपराध में लगाया गया। ऐसे युवाओं को साइबर स्लेव के नाम से जाना जाता है। सीबीआई इस मामले में आगे की जांच कर रही है।



