रांची स्थित झारखंड उच्च न्यायालय ने महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश दिया है। हजारीबाग के एसीएफ अविनाश कुमार परमार को राहत मिली। कोर्ट ने विभागीय कार्रवाई पर रोक लगा दी। जस्टिस आनंदा सेन की एकलपीठ ने सुनवाई की। राज्य सरकार को नोटिस जारी किया गया। जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया। आदेश के बाद विभागीय कार्रवाई फिलहाल रुक गई है।
परमार ने अपनी याचिका में गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट पांच महीने तक दबाई गई। बाद में उसी अधिकारी से समीक्षा कराई गई। उन्होंने इसे निष्पक्ष जांच के खिलाफ बताया। वरिष्ठ अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगाया गया। भ्रष्टाचार को संरक्षण देने की बात भी कही गई।
याचिका में कई वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है। जांच समिति की सिफारिशों में भेदभाव का मुद्दा उठाया गया। दोहरी जांच को समानता के अधिकार का उल्लंघन बताया गया। केंद्र सरकार के क्षेत्रीय कार्यालय की रिपोर्ट का उल्लेख किया गया। अधिवक्ताओं ने कोर्ट में विस्तृत पक्ष रखा। फिलहाल कार्रवाई पर रोक जारी है। अब राज्य सरकार के जवाब के बाद अगली सुनवाई होगी। मामले पर सभी की नजर बनी हुई है।


