अदालत ने विकास तिवारी के खिलाफ दर्ज सभी मामलों की जानकारी देने को कहा है। साथ ही उसकी वर्तमान कानूनी स्थिति भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। मामला चैनपुर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित हत्याकांड से जुड़ा है। यह घटना आपराधिक वर्चस्व की लड़ाई का हिस्सा बताई जाती है। गोली मारकर दो लोगों की हत्या की गई थी। मृतकों की पहचान भरत पांडेय और दीपक साव के रूप में हुई थी। दोनों का संबंध पांडेय गिरोह से बताया गया था।
जानकारी के अनुसार यह हत्याकांड कोयलांचल क्षेत्र में वर्चस्व की लड़ाई के दौरान हुआ था। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था। भरत पांडेय के परिजनों ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में विकास तिवारी समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान कई तथ्य सामने आए थे। आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की गई। इस मामले को गंभीर श्रेणी का अपराध माना गया। कोर्ट में जमानत को लेकर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। अब सरकार की रिपोर्ट के बाद अगली सुनवाई होगी।
बताया जाता है कि विकास तिवारी के खिलाफ करीब 25 आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। इनमें हत्या और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड समेत 17 मामलों में वह बरी हो चुका है। कई मामलों में उसे जमानत मिल चुकी है। अदालत ने उसके आपराधिक रिकॉर्ड का पूरा विवरण मांगा है। राज्य सरकार को जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट आगे फैसला करेगा। मामले पर कानूनी नजर बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन भी मामले पर सतर्क हैं। अगली सुनवाई की तारीख बाद में तय की जाएगी।



