रांची में माध्यमिक आचार्य नियुक्ति विवाद को लेकर सुनवाई हुई। यह सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में की गई। अर्चना कुमारी और अन्य की याचिका पर विचार हुआ। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में मामला रखा गया। कोर्ट ने जेएसएससी का पक्ष सुना। इसके बाद महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया। कोर्ट ने मामले को जनहित याचिका के साथ जोड़ दिया। इस फैसले से सुनवाई अब खंडपीठ में होगी।
अदालत में बताया गया कि इसी मुद्दे पर पहले से सुनवाई चल रही है। तालेश्वर महतो की जनहित याचिका का जिक्र किया गया। खंडपीठ इस मामले की मॉनिटरिंग कर रही है। इसलिए अलग-अलग कोर्ट में सुनवाई उचित नहीं मानी गई। कई अभ्यर्थियों ने हस्तक्षेप याचिका भी दाखिल की है। उन्होंने मॉडल आंसर दिखाने की मांग की है। ताकि वे आपत्ति दर्ज कर सकें।
कोर्ट ने प्रार्थियों को अंतरिम राहत नहीं दी। याचिकाकर्ताओं ने पुनर्परीक्षा का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि सभी अभ्यर्थियों को एक साथ दोषी मानना गलत है। जेएसएससी ने बताया कि 2819 अभ्यर्थियों में गड़बड़ी के साक्ष्य मिले हैं। इसलिए पुनर्परीक्षा का निर्णय लिया गया है। अब इस मामले की सुनवाई खंडपीठ में होगी।



