जिससे करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि वे दूर से दिखाई दे रही थीं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए। यह बाजार अपने संकरे गलियारों और घनी दुकानों के लिए जाना जाता है, जिसने आग बुझाने के काम को और भी मुश्किल बना दिया।
पश्चिम बंगाल के अग्नि एवं आपातकालीन सेवा मंत्री सुजीत बोस ने बताया कि दमकलकर्मियों के अथक प्रयासों के बाद आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि “कुछ कोनों में अभी भी छोटी आग (पॉकेट फायर) सुलग रही है”, जिन्हें पूरी तरह बुझाने का काम जारी है। आग बुझाने के अभियान में दमकल की कई गाड़ियां लगाई गई हैं और दमकलकर्मी लगातार मशक्कत कर रहे हैं। संकरी गलियों और बाजार में ज्वलनशील सामग्री की बहुतायत के कारण दमकलकर्मियों को आग बुझाने में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
इस भीषण आग से खिदिरपुर बाजार के सैकड़ों छोटे और बड़े व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा। आग की चपेट में आने से कई दुकानें जलकर खाक हो गईं और उनका सारा माल नष्ट हो गया। व्यापारी अब अपने भविष्य और आजीविका को लेकर चिंतित हैं। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, और इसकी विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रशासन आग से हुए नुकसान का आकलन करने और प्रभावित व्यापारियों को हर संभव सहायता प्रदान करने की दिशा में काम कर रहा है।



