
यह जानकारी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को दी।
सरकार इन फसलों की खरीद ‘प्राइस सपोर्ट स्कीम’ (PSS) के तहत नाफेड (Nafed) और एनसीसीएफ (NCCF) जैसी केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से करेगी। राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात चना व मसूर के प्रमुख उत्पादक राज्य हैं।
कृषि मंत्री ने बताया कि चना की खरीद 27.99 लाख टन और मसूर की खरीद 9.40 लाख टन की जाएगी।
उन्होंने राज्य सरकारों से अपील की है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम दाम पर खरीदारी न की जाए।
खरीफ (गर्मी) की दलहन फसलों पर बात करते हुए चौहान ने बताया कि अब तक 2.46 लाख टन तूर (अरहर) की खरीद हो चुकी है, जिससे 1.71 लाख किसानों को लाभ हुआ है।
आंध्र प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र समेत 9 राज्यों में तूर, उड़द और मसूर की खरीद जारी है।
कृषि मंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना में MSP पर खरीद का काम जारी है।
उत्तर प्रदेश में तूर की कीमतें फिलहाल MSP से अधिक हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने 100 प्रतिशत खरीद का आश्वासन दिया है।
कर्नाटक में तूर की खरीद अवधि को 30 दिन बढ़ाकर 1 मई तक कर दिया गया है।
2025 के बजट में सरकार ने अगले चार वर्षों तक इन दलहन फसलों की खरीद जारी रखने का ऐलान किया है, जिससे देश में दलहन के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल की जा सके।