झारखंड पुलिस की हालिया कार्रवाई कई मायनों में ऐतिहासिक है। नशे के खिलाफ लड़ाई अब नए स्तर पर पहुंच गई है। केवल गिरफ्तारी ही नहीं, संपत्ति जब्ती भी शुरू हुई है। इससे अपराधियों की आर्थिक रीढ़ टूटेगी। यह नीति अपराध नियंत्रण में कारगर साबित होगी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि संपत्ति जब्ती बड़ा हथियार है। इससे अवैध धंधों में निवेश घटेगा। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट का प्रभावी उपयोग किया है। चतरा और रांची की कार्रवाई इसका उदाहरण है। भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की बरामदगी हुई। यह चिंता और चेतावनी दोनों है।
आगे पुलिस की रणनीति और सख्त होगी। नशा और नक्सल दोनों पर एक साथ प्रहार जारी रहेगा। जनता को सुरक्षित माहौल मिलेगा। यह कार्रवाई भविष्य की दिशा तय करती है। झारखंड नशामुक्त राज्य की ओर बढ़ रहा है। यह पूरे देश के लिए संदेश है।


