जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को लेकर चल रहा विवाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ समाप्त होता दिख रहा है। कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। इससे राज्य सरकार और चयनित अभ्यर्थियों को राहत मिली है। लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता खत्म हुई है। नियुक्ति प्रक्रिया पर लगी कानूनी बाधा हट गई है। यह फैसला प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने हाईकोर्ट के आदेश को सही ठहराया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने संतुलित निर्णय दिया था। इससे पहले तीन दिसंबर को हाईकोर्ट ने दस छात्रों के परिणाम पर रोक लगाई थी। शेष अभ्यर्थियों की नियुक्ति को हरी झंडी दी गई थी। वही आदेश अब लागू रहेगा।
हाईकोर्ट में सफल अभ्यर्थियों की ओर से प्रभावी बहस की गई थी। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। इस बीच जेएसएससी ने मेरिट सूची जारी कर दी। सरकार ने नियुक्ति पत्र भी सौंप दिए। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पूरी प्रक्रिया को अंतिम स्वीकृति मिल गई है। चयनित उम्मीदवारों का भविष्य सुरक्षित हुआ है।


