रांची में बड़े जीएसटी घोटाले से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में है। करीब 800 करोड़ के इस मामले में अहम सुनवाई पूरी हो गई है। पीएमएलए की विशेष अदालत में आरोपियों की डिस्चार्ज पिटीशन पर बहस समाप्त हुई। आरोपी मोहित देवड़ा और शिवकुमार देवड़ा की ओर से याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुन ली हैं। इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में 28 अप्रैल को आदेश सुनाया जाएगा। यह मामला लंबे समय से जांच एजेंसियों के दायरे में है। घोटाले की राशि काफी बड़ी बताई जा रही है। इसलिए इस पर सबकी नजर बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार ईडी ने 10 मई 2025 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ये दोनों कोलकाता के कारोबारी बताए जाते हैं। मामले में शेल कंपनियों के जरिए फर्जी जीएसटी एंट्री की गई थी। आरोप है कि 800 करोड़ से अधिक का फर्जीवाड़ा किया गया। ईडी ने इस मामले में ईसीआईआर दर्ज किया है। जांच के दौरान कई अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी हुई है। इनमें विक्की भालोटिया और अमित गुप्ता का नाम शामिल है। ये सभी आरोपी अलग-अलग जगहों से जुड़े हैं। जांच एजेंसियां लगातार साक्ष्य जुटा रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज की गई है।
जांच में सामने आया है कि 90 से अधिक शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। आरोपियों ने लगभग 14,325 करोड़ के फर्जी चालान बनाए थे। इसके जरिए सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ। पहले इस मामले में जीएसटी इंटेलिजेंस ने कार्रवाई की थी। अधिकारी दिनेश सिंह के बयान के आधार पर केस दर्ज हुआ था। इसके बाद कई आरोपियों को जेल भेजा गया। ईडी को जांच में कई अहम साक्ष्य मिले हैं। अब कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। यह मामला आर्थिक अपराधों में बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। आगे की कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर निर्भर करेगी।



