रांची में सिविल कोर्ट से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। कोर्ट की एक महत्वपूर्ण फाइल गायब होने का आरोप लगा है। इस मामले में कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर रिटायर्ड सहायक जय गोविंद राम के खिलाफ दर्ज हुई है। आरोप है कि उन्होंने फाइल को रहस्यमय तरीके से गायब किया। यह मामला कोर्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। घटना के बाद प्रशासन में हलचल मच गई है। कोर्ट से जुड़े अधिकारी भी सतर्क हो गए हैं। मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एफआईआर कोर्ट के प्रभारी न्यायाधीश प्रशांत कुमार वर्मा द्वारा दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया कि जीआर केस की मूल फाइल गायब हो गई है। इस मामले में जय गोविंद राम की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। आरोप है कि उन्होंने फाइल को जानबूझकर हटाया। इसके साथ ही कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की गई। फर्जी हस्ताक्षर वाली डिपॉजिट स्लिप का इस्तेमाल किया गया। इससे मामले को छिपाने की कोशिश हुई। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है। दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की है। आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। कोर्ट प्रशासन भी इस मामले पर नजर रखे हुए है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न्यायिक व्यवस्था की पारदर्शिता से जुड़ा है। इसलिए जांच को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल सभी की नजर जांच पर बनी हुई है।



