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हाईकोर्ट का आदेश, डीआईटी परिसर में खुलेगा अस्थायी कैंप ऑफिस.

अतिरिक्त छात्रों के स्थानांतरण हेतु जेयूटी को दी गई अनुमति.

रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। न्यायमूर्ति आनंदा सेन की अदालत में दायर याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया गया। कोर्ट ने झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी को विशेष अनुमति प्रदान की। आदेश के अनुसार जेयूटी डीआईटी परिसर में अस्थायी कैंप ऑफिस खोल सकेगी। यह कैंप ऑफिस दो से तीन दिनों के लिए संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य अतिरिक्त छात्रों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को आसान बनाना है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के निर्धारित सीटों से अधिक छात्रों को अन्य कॉलेजों में भेजा जाएगा। कोर्ट ने प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। इस फैसले से प्रभावित छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

अदालत ने धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को भी कई निर्देश दिए हैं। संस्थान को छात्रों को स्थानांतरण प्रक्रिया की पूरी जानकारी देने को कहा गया है। सभी छात्रों को जेयूटी द्वारा दी जा रही सुविधा से अवगत कराना अनिवार्य होगा। कैंप ऑफिस के दौरान जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराना होगा। संस्थान को आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। छात्रों की सुविधा के लिए प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित करना होगा। कोर्ट ने कहा कि प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। सभी कार्य तय समय सीमा में पूरा करना जरूरी होगा। छात्रों की शैक्षणिक पढ़ाई प्रभावित न हो इसका ध्यान रखने को कहा गया। संबंधित अधिकारियों को समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया गया।

मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है। कोर्ट आगामी सुनवाई में प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करेगा। स्थानांतरण प्रक्रिया की स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी जाएगी। अदालत ने छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने की बात कही गई। छात्रों और अभिभावकों में फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है। जेयूटी और डीआईटी के बीच समन्वय प्रक्रिया तेज की गई है। अधिकारियों ने जल्द प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा दिया है। मामले पर सभी की नजर अगली सुनवाई पर बनी हुई है।

 

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