Ranchi: लातेहार जिले से जुड़े एक युवक के लापता होने के मामले को झारखंड हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। अदालत ने इस मामले में लातेहार एसपी को तलब किया है। सुनवाई न्यायमूर्ति नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई। कोर्ट ने पूछा कि तीन माह बीत जाने के बाद भी युवक का पता क्यों नहीं चल सका। अदालत ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। न्यायालय ने मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट करने को कहा। कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर जांच स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जा सकती है। इस टिप्पणी के बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई है।
युवक के पिता ने अदालत को बताया कि 15 जनवरी 2026 को दोपहर 2 बजे लातेहार पुलिस उनके पुत्र दिलीप कुमार को घर से उठाकर ले गई थी। अगले दिन थाना पहुंचने पर उन्हें भगा दिया गया था। उन्होंने लातेहार एसपी से भी शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने सीजेएम कोर्ट में शिकायतवाद दर्ज कराया। पिता का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें एक खाली कागज पर हस्ताक्षर करने को कहा। बाद में उसी आधार पर फर्जी प्राथमिकी तैयार कर दी गई। इसमें उनके छोटे बेटे के भी फर्जी हस्ताक्षर लगाए गए थे।
पुलिस ने उसी रिपोर्ट के आधार पर सीजेएम कोर्ट में दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। इसके बाद कोर्ट ने मामले को ड्रॉप कर दिया था। पुलिस का कहना है कि दिलीप कुमार के खिलाफ नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसे एक आपराधिक गिरोह से जुड़ा बताया है। अधिकारियों के अनुसार युवक कहीं और भाग गया हो सकता है। हाईकोर्ट ने एसपी से पूछा कि युवक की तलाश के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने प्राथमिकी की अद्यतन स्थिति भी मांगी है। कोर्ट ने एसपी लातेहार को दो सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

