रांची में पुलिसकर्मियों के वेतन भुगतान को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी से कथित अवैध निकासी का मामला सामने आया है। इसके बाद राज्यभर में वेतन भुगतान की जांच के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों को सभी जिलों में जांच करने को कहा गया है। करीब बारह वर्षों के वेतन भुगतान का मिलान किया जाएगा। संबंधित दस्तावेजों और बैंक खातों की जांच की जाएगी। यह कदम वित्तीय पारदर्शिता के लिए उठाया गया है। प्रारंभिक जांच में कुछ अनियमितताओं की आशंका है। इसके बाद जांच को और व्यापक किया गया है। विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है।
जांच के दौरान वेतन से संबंधित बिलों की जांच की जाएगी। भुगतान स्वीकृति और पासिंग प्रक्रिया भी देखी जाएगी। कर्मचारियों के बैंक खातों का मिलान किया जाएगा। जिन कर्मियों के नाम पर भुगतान हुआ है, उनकी सेवा पुस्तिका की जांच होगी। तैनाती अवधि और उपस्थिति रिकॉर्ड भी देखे जाएंगे। इससे गलत भुगतान की स्थिति स्पष्ट होगी। ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। भुगतान प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी की जांच की जाएगी। दस्तावेजों में किसी भी अंतर पर ध्यान दिया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
अधिकारियों से जरूरत पड़ने पर स्पष्टीकरण लिया जाएगा। जांच का उद्देश्य प्रणाली को पारदर्शी बनाना है। वित्तीय गड़बड़ियों पर रोक लगाना प्राथमिकता है। सभी जिलों से तय समय सीमा में रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी। जिम्मेदार लोगों पर सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। विभागीय स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इस मामले को उच्च प्राथमिकता दी गई है। आगे भी जांच जारी रहेगी। सुधारात्मक कदम जल्द उठाए जाएंगे।



