रांची से बड़ी खबर सामने आई है जहां रिम्स की स्थिति को लेकर हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। झारखंड के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान रिम्स में डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है। इसके साथ ही जरूरी मशीनों की खरीद में भी देरी हो रही है। भवन निर्माण और मरम्मत के काम भी लंबे समय से अधूरे पड़े हैं। इन सभी मुद्दों को लेकर अदालत ने गंभीर चिंता जताई है। पहले नियुक्ति प्रक्रिया के लिए 1 से 2 महीने का समय तय किया गया था। अब इसे बढ़ाकर 3 से 6 महीने करने का अनुरोध किया गया है। मशीनों और उपकरणों की खरीद के लिए भी अतिरिक्त समय मांगा गया है। लेकिन कोर्ट ने इस पर नाराजगी जाहिर की है। अदालत ने साफ कहा है कि अब देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हाई कोर्ट ने 30 मई 2026 तक सभी कार्य पूरे करने का अंतिम निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश एम एस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने यह समय सीमा तय की है। कोर्ट ने कहा कि अब तारीख पर तारीख नहीं चलेगी। अदालत ने रिम्स प्रबंधन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। समय बढ़ाने के आवेदन को लापरवाही भरा बताया गया है। कोर्ट ने कहा कि आवेदन में काम की प्रग



