रांची से मिली जानकारी के अनुसार देशभर में एलपीजी गैस की कमी देखी जा रही है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है। झारखंड में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। लोगों को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। शादी का सीजन होने के कारण मांग और बढ़ गई है। कई घरों में समारोह की तैयारी प्रभावित हो रही है। गैस की कमी के कारण खाना बनाना मुश्किल हो रहा है। शादी वाले परिवारों में चिंता बढ़ती जा रही है। लोग वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने को मजबूर हैं।
जिला आपूर्ति कार्यालय में रोजाना आवेदन जमा हो रहे हैं। शादी समारोह के लिए कॉमर्शियल गैस की मांग बढ़ गई है। लोग आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज जमा कर रहे हैं। इसमें शादी कार्ड, गैस एजेंसी कार्ड और आधार कार्ड शामिल हैं। आवेदन जमा करने के बाद प्रक्रिया पूरी की जाती है। अधिकारी इन आवेदनों की जांच कर रहे हैं। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाती है। इस प्रक्रिया से लोगों को कुछ राहत मिल रही है। लेकिन मांग के मुकाबले आपूर्ति कम है। इससे समस्या बनी हुई है।
जिला आपूर्ति कार्यालय के अनुसार एक सप्ताह में 250 से अधिक आवेदन मिले हैं। आवेदकों को रिसिव कॉपी दी जाती है। इस कॉपी के आधार पर गैस एजेंसी से सिलेंडर मिलता है। एजेंसी द्वारा 19 किलो के तीन सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे शादी समारोह को पूरा करने में मदद मिल रही है। हालांकि सभी को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है। स्थिति को संभालने के प्रयास जारी हैं। प्रशासन इस पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में स्थिति सुधरने की उम्मीद है।



