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जज उत्तम आनंद हत्याकांड में हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा.

चार घंटे सुनवाई, वीडियो देख दोनों पक्षों की दलीलें सुनी.

रांची से जुड़ा बहुचर्चित जज उत्तम आनंद हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। झारखंड हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। दो सजायाफ्ता आरोपियों की क्रिमिनल अपील पर बहस चली। न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुनवाई की। करीब सवा चार घंटे तक दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान घटना का वीडियो भी देखा गया। वीडियो को हर एंगल से जांचा गया। इससे मामले के तथ्यों को समझने में मदद मिली। कोर्ट ने गंभीरता से सभी पहलुओं पर विचार किया।

प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता सब्यसाची ने पैरवी की। उन्होंने सजा को चुनौती दी और राहत की मांग की। दोनों आरोपियों को सीबीआई कोर्ट ने उम्र कैद की सजा दी थी। आरोपियों ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की है। कोर्ट ने पहले ही अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया था। साथ ही लोअर कोर्ट रिकॉर्ड मंगवाया गया था। अब एलसीआर हाईकोर्ट में उपलब्ध है। इसी आधार पर सुनवाई आगे बढ़ी। दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। कोर्ट ने सभी दलीलों को ध्यान से सुना।

यह घटना 28 जुलाई 2021 की सुबह हुई थी। जज उत्तम आनंद की ऑटो से टक्कर मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में स्पीडी ट्रायल कर सजा सुनाई गई थी। धनबाद की सीबीआई अदालत ने 6 अगस्त 2022 को फैसला सुनाया था। राहुल वर्मा और लखन वर्मा को दोषी ठहराया गया था। दोनों को उम्र कैद की सजा दी गई थी। कोर्ट ने उन पर जुर्माना भी लगाया था। अब हाईकोर्ट में अंतिम फैसले का इंतजार है। इस मामले पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है।

 

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